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दंतेवाड़ा : ग्राम दामन के मतदाता पहचान पत्र के अभाव में 19 अप्रैल को नहीं कर पायेंगे मतदान

ग्राम दामन के ग्रामीण

आजादी के 76 वर्ष बाद भी ग्राम दामन तक कभी भी नहीं पहुंचा शासन-प्रशासन

दंतेवाड़ा, 18 अप्रैल (हि.स.)। बस्तर लोकसभा क्षेत्र में प्रथम चरण के मतदान के लिए निर्वाचन आयोग अपनी तैयारी पूरी कर लेने का दावा करता है। वहीं छत्तीसगढ़ के बस्तर लोकसभा क्षेत्र में भी 19 अप्रैल को होने वाले प्रथम चरण के मतदान के आम मतदाता उत्साहित हैं, लेकिन दंतेवाड़ा जिले में एक ग्राम दामन ऐसा भी है, जहां के लोग चाहकर भी मतदान नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इनकी कोई पहचान नहीं है। इनके पास न तो आधार कार्ड है, न ही राशन कार्ड है, और न ही मतदाता पहचान पत्र है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कुआकोंडा ब्लॉक के गुमियापाल पंचायत के आश्रित ग्राम दामन निर्वाचन आयोग तैयारी पूरी कर लेने के दावों को ठेंगा दिखा रहा है। गांव के बुजुर्ग देवा मोडय़ामी बताते हैं कि उनकी उम्र लगभग 75 साल हो चुकी है, लेकिन उन्होंने आज तक मतदान का प्रयोग नहीं किया है। उन्हें नहीं पता कि कौन सा चुनाव है, किस लिए हो रहा है, क्यों हो रहा है। वह किसी नेता को भी नहीं जानते, वह जानते हैं तो सिर्फ सरपंच को, जो गांव में गाहे-बगाहे आता है। ग्राम दामन के अधिकांश लोग गोंडी ही बोलते हैं।

ग्राम दामन का 10वीं पास हड़मा कहता है कि गांव में कभी कोई जागरूकता दल नहीं आया और न ही मतदान पहचान पत्र बनाए गए। गांव के लोगों को नहीं मालूम कि वोट कब होना है, इन लोगों ने कभी वोट नहीं किया। वहीं समेली गांव के जागरूक नागरिक लिंगा कोड़ोपी ने बताया कि इस गांव तक कभी शासन-प्रशासन पहुंचा ही नहीं।

दंतेवाड़ा कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने मतदान दलों की स्थिति की पूरी जानकारी दी लेकिन गुमियापाल के आश्रित ग्राम पर जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहने की बात कही। उन्होंने तत्काल तहसीलदार को बुलाया और दामनपारा की जानकारी लेने की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि ऐसा हो नहीं सकता कि कोई पारा मतदाता पहचान पत्र के बगैर हो, इस मामले की गहराई से जांच करवाई जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार/ राकेश पांडे

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